45+ Heart Touching Safar Shayari

Safar Shayari के इस पोस्ट में मिलेगा सफ़र से जुडी ढेरो बेहतरीन सफ़र शायरी से जुदा कलेक्शन जो आपको बेहद ही पसंद आएगा. 

Safar Par Shayari – Heart Touching Travel Status, 130+ सफ़र शायरी इन हिंदी, के “Facebook Theme” में पढ़े सफ़र शायरी कलेक्शन – Love Safar Status को. New Safar Shayari, Urdu Travel Shayari

यह ख़ास सफ़र शायरी का पोस्ट उन शायरी के कद्रदानों तथा व्हाट्स अप और फेसबुक के चाहने वालो के लिए हैं जो हमेशा सोशल मिडिया के पर खुबसुरत शायरियो को शेयर करते हैं. और अपने मनपसंद शब्दों पर बनी शायरियों को इंटरनेट पर सर्च किया करते हैं.

तो देर कैसी आईये पढ़ते हैं एक से बढ़ कर एक 30+ Safar Shayari इन हिंदी के इस पोस्ट को उसके पहले गुनगुनाते हैं फिल्म अंदाज का गीत जिसे हसरत जयपुरी ने लिखा और इसमें अपनी आवाज़ दी किशोर कुमार ने और साथ ही इस नगमे को अपने संगीत से सजाया हैं शंकर जयकिशन ने.

ज़िन्दगी एक सफ़र है सुहाना

यहाँ कल क्या हो किसने जाना

रस्ते कहाँ ख़त्म होते हैं जिंदगी के सफर में,

मंजिल भी वहीं है जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ ।

“एक सफ़र वो है जिस में पाँव नहीं

दिल दुखता है आगाह देहलवी..!!”

“ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा

क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा..!!”

“मंजिल बड़ी हो तो सफ़र में कारवां छूट जाता है,

मिलता है मुकाम तो सबका वहम टूट जाता है..!!”

“इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई हम न

सोए रात थक कर सो गई – राही मासूम रज़ा..!!”

बहुत कुछ सिखाया जिंदगी के सफर अनजाने ने,

वो किताबों में दर्ज था ही नहीं,

जो पढ़ाया सबक जमाने ने !

“मुझे ख़बर थी मेरा इन्तजार घर में रहा,

ये हादसा था कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा..!!”

“हो जायेगा सफ़र आसां आओ साथ चलकर देखें,

कुछ तुम बदलकर देखो कुछ हम बदलकर देखें..!!”

“वो लुत्फ़ उठाएगा सफ़र का आप-अपने में

जो सफ़र करेगा ग़मगीन – देहलवी..!!”

“सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो सभी हैं भी

ड़ में तुम भी निकल सको तो चलो – निदा फ़ाज़ली..!!”

“मुसाफ़िरत का वलवला सियाहतों का मश्ग़ला

जो तुम में कुछ ज़ियादा है

सफ़र करो सफ़र करो – अकबर हैदराबादी..!!”

“न मंज़िलों को न हम रहगुज़र को देखते हैं

अजब सफ़र है कि बस हम-सफ़र को देखते हैं – अहमद फ़राज़…❗ ..!!”

दहशत सी होने लगी है इस सफर से,

अब तो ए-जिंदगी कहीं तो पहुँचा दे, खत्म होने से पहले !

“मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ

मगर सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना

– साहिल सहरी नैनीताली..!!”

“है कोई जो बताए शब के मुसाफ़िरों को

कितना सफ़र हुआ है कितना सफ़र रहा है – शहरयार..!!”

हमे तो पता था की तू कहीं,

और का मुसाफीर था,

हमारा शहर तो बस यूं ही तेरे,

रास्ते मैं आ गया था !

“आए ठहरे और रवाना हो गए ज़िंदगी क्या है,

सफ़र की बात है – हैदर अली जाफ़री..!!”

“सिर्फ़ इक क़दम उठा था ग़लत राह-ए-शौक़ में

मंज़िल तमाम उम्र मुझे ढूँडती रही – अब्दुल हमीद अदम..!!”

“तुमसे ना कट सके गा अंधेरों का ये सफ़र,

के अब शाम हो रही है ,मेरा हाथ थाम लो ..!!”

“चले थे जिस की तरफ़ वो निशान ख़त्म हुआ

सफ़र अधूरा रहा आसमान ख़त्म हुआ..!!”

“मुसीबतें लाख आएंगी जिंदगी की राहों में,

रखना तू सबर, मिल जाएगी तुझे मंजिल

इक दिन बस जारी रखना तू सफ़र..!!”

मायूस हो गया हूँ जिंदगी के सफर से,

कुछ इस कदर, कि ना खुद से

मिल पा रहा हूँ ना मंजिल से !

मायूस हो गया हूँ जिंदगी के सफर से,

कुछ इस कदर, कि ना खुद से मिल पा रहा हूँ

ना मंजिल से !

“रहेंगे दर्द जिंदगी में तो ख़ुशी का इंतजाम क्या होगा?

निकल पड़े हैं जो बदलने खुद को न जाने

इस सफ़र का अंजाम क्या होगा?!”1

“मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल

मगर लोग साथ आते गए और

कारवाँ बनता गया. मजरूह सुल्तानपुरी…❗”

ना मंजिलों के लिए ना ही रास्तों के लिए

मेरा ये सफर है खुद से खुद की पहचान के लिए !43

“इन अजनबी सी राहों में,

जो तू मेरा हमसफ़र हो जाये,

बीत जाए पल भर में ये वक़्त,

और हसीन सफ़र हो जाये…!!”

“मशहूर हो जाते हैं वो जिनकी हस्ती बदनाम होती है,

कट जाती है जिंदगी सफ़र में अक्सर

जिनकी मंजिलें गुमनाम होती हैं..!!”

“सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ.

वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली..!!”

“मुझे ख़बर थी मिरा इंतिज़ार घर में रहा ये हादसा था

कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा – साक़ी फ़ारुक़ी..!!”

जिंदगी की तरह ये वादियां भी कितनी,

हसीन हैं आसमान नीला, और जमीन रंगीन है !

“किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल,

कोई हमारी तरह उम्र भर

सफ़र में रहा.अहमद फ़राज़…❗ ..!!”

“डर हम को भी लगता है रस्ते के

सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ

दिल अब जाना तो होगा  – जावेद अख़्तर…❗”

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं,

रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं !

“चले थे जिस की तरफ़ वो निशान ख़त्म हुआ,

सफ़र अधूरा रहा आसमान ख़त्म हुआ – ग़ुलाम मुर्तज़ा राही..!!”

“मेरी तक़दीर में मंज़िल नहीं है,

ग़ुबार-ए-कारवाँ है और मैं हूँ ..!!”

“आज फिर से उसकी यादों में खो गया मैं,

पूछा जो मुझसे किसी ने मुहब्बत का सफ़र कैसा था..!!”

“सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं,

हर एक मोड़ पे कुछ लोग छूट जाते हैं –

आबिद अदीब..!!”

अजीब सी पहेलियाँ हैं मेरे हाथों की लकीरों में,

लिखा तो है सफ़र मगर मंज़िल का निशान नहीं…❗

Ek Safar Wo Hain Jis Me

Paanv Nahi Dil Dukhata Hai…❗

Zindagi Yun Huyi Basar Tanha,

Kafila Sath Aur Safar Tanha…❗

Manzil Badi Ho To Safar Me Karawa Chhut Jata Hai,

Milata Hai Mukam To Sabaka Vaham Tut Jata Hai…❗

Is Safar Me Need Esi Kho Gayi Ham

Na Soye Raat Thak Kar So Gayi…❗

Mujhe Khabar Thi Mera Intzaar Ghar Me Raha,

Ye Hadasa Tha Ki Mai Umr Bhar Safar Me Raha…❗

Ho Jayenge Safar Aasaan Aao Sath Chalakar Dekhe,

Kuchh Tum Badalkar Dekho Kuchh Ham Badalkar Dekhe…❗

Wo Luft Uthayega Safar Ka,

Aap-Apane Me Jo Safar Karega…❗

Safar Me Dhup To Hogi Jo Chal Sako To Chalo,

Sabhi Hai Bheed Me Tum Bhi Nikal Sako To Chalo…❗

Naa Mazilon Ko Na Ham Rahguzar Ajab

Safar Hai Ki Bas Ham-Safar Ko Dekhate Hai.

Main Lautane Ke Irade Se Ja Raha Hun Magar,

Safar-Safar Hai Mira Intzaar Mat Karana…❗

Hai Koi Jo Btaye Shab Ke Musafiro Ko Kitana

Safar Hua Hai Kitana Safar Raha Hai…❗

Aaye Thahare Aur Rawana Ho Gaye

Zindagi Kya Hai, Safar Ki Baat Hai…❗

Sirf Ek Kadam Utha Tha Galat Raah-E-Shauk

Me Manzil Tamaam Umr Dhudhati Rahi…❗

Tumane Na Tak Sakega Andhero Ka Ye Safar Ke

Ab Sham Ho Rahi Hai, Mera Hath Tham Lo…❗

Chale The Jis Ki Taraf Wo Nishan Khatm Hua

Sfar Adhura Raha Aasamaan Khatm Hua…❗

Musibat Lakh Aayegi Zindagi Ki Raho Me.

Rakhana Tu Sabar, Mil Jayegi Tujhe Manzil

Ek Din Bas Jari Rakhana tu Sfar…❗

Rahenge Dard Zindagi Me To Khushi Ka Intzaam Kya Hoga?

Nikal Pade Hai Jo Badalane Khud Ko Na

Jaane Is Sfar Ka Anzaam Kya Hoga…❗

Mai Akela Hi Chala Tha Zanib-E-Manzil MagarLog

Sath Aate Gaye Aur Karawa Bnata Gaya.

In Ajanabi Si Raho Me Jo Tu Mera Ham-Safar Ho Jayae,

Bit Jaye Pal Bhar Me Ye Waqt Aur Haseen Safar Ho Jaye…❗

Mashhur Ho Jate Hai Wo Jinaki Hasti Badanaam Hoti Hai,

Kat Jati Hai Zindagi Safar Me Aksar Jinaki Manzile Gumnaam Hoti Hai…❗

Safar Jo Dhup Ka Kiya To Tajurba Hua,

Wo Zindagi Hi Kya Jo Chhnv-Chaanv Chali…❗

Mujhe Khabar Thi Mira Intzaar Ghar Me Raha,

Ye Hadasa Tha Ki Mai Umr Bhar Safar Me Raha…❗

Dar Ham Ko Bhi Lagata Hai Raaste Ke Sannate Se,

Lekin Ek Safar Par Ye Dil Ab Jana To Hoga.

Chale The Jis Ki Taraf Wo Nishan Khatm Hua,

Safar Adhura Raha Aasamaan Khatm Hua…❗

Aaj Fir Se Usaki Yaadon Me Kho Gya Main,

Puchha Jo Mujhase Kisi Ne Muhabbat Ka Safar Kai Tha…❗

 Safar Me Yese Kai Marahale Bhi Aate Hai,

Har Ek Mod Pe Kuchh Log Chhut Jaate Hai…❗

“Ajeeb Si Paheliyan Hai Mere Hathon Ki Lakiron Me,

Likha To Safar Magar Manzil Ka Nishan Nahi..!!”

Dil Se Mangi Jaye To Har Duwa Me Asar Hota Hai,

Manzil Unhi Ko Milati Hai, Jinaki Zindagi Me Safar Hota Hai…❗

दोस्तों आशा करता हूँ आप सभी को हमारे द्वारा किये गए “Heart Touching Travel Status & Quotes” का पोस्ट पसंद आया होगा और हमारे द्वारा संग्रह किये गए सफ़र शायरी का भरपूर लुफ्त भी उठाया होगा और आपने जरीर अपने दोस्तों के साथ भी फेसबुक व्हात्सप्प साझा भी किया होगा.

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