Safar Shayari in Hindi 

 Safar Shayari in Hindi  (travel) :सफर यानि यात्रा (Travel) जीवन भी एक अनोखा सफर है । किसी न किसी मंजिल की तलाश में हम सब सफर में हैं ।
यह खास सफर शायरी पोस्ट उन लोगों के लिए है जो सफर का मजा तो लेते ही हैं लेकिन वह शायरी के माद्यम से भी सफर का मजा लेना चाहते हैं ।

हिस्सों में बिखरी ज़िन्दगी को समझने का वसीला है और ज़िन्दगी की रवानी का इस्तिआरा भी। शायरों ने सफ़र की मुश्किलों और इस से हासिल होने वाली ख़ुशियों का अलग-अलग ढंग से इज़हार किया है। यह शायरी ज़िन्दगी के मुश्किल लम्हों में हौसले का ज़रिया भी हैं। आइये निकलते है सफ़र शायरी के दिलचस्प सफ़र पर रेख़्ता के साथ।
इस पोस्ट के माद्यम से हम आपके लिए बेहतरीन Safar Shayari in Hindi पेश कर रहें हैं । जिंदगी के सफर के बदलाव को शायरों ने कैसे व्यक्त किया है यह आप इस सफर शायरी को पढ़कर जान सकते हैं ।

Best Safar Shayari

माना की जिंदगी में गम बहुत है ,
कभी सफर पर निकलो और देखो खुशियां ।

रस्ते कहाँ ख़त्म होते हैं जिंदगी के सफर में,

मंजिल भी वहीं है जहाँ ख्वाहिशें थम जाएँ ।

दहशत सी होने लगी है इस सफर से,

अब तो ए-जिंदगी कहीं तो पहुँचा दे,

खत्म होने से पहले !

मंजिल बड़ी हो तो सफर में कारवां छूट जाता है,

मिलता है मुकाम तो सबका वहम टूट जाता है ।

इस सफर में नींद ऐसी खो गई,

हम न सोए रात थक कर सो गई ।

इन अजनबी सी राहों में जो तू मेरा,

हमसफ़र हो जाये बीत जाए पल भर में,

ये वक्त और हसीन सफर हो जाये !

मैं तो यूँ ही सफर पर निकला था,

एक अजनबी मिला और,

उसने अपना बना लिया !

बहुत कुछ सिखाया जिंदगी के

सफर अनजाने ने,

वो किताबों में दर्ज था ही नहीं,

जो पढ़ाया सबक जमाने ने !

चल वहीं ऐ दिल जहाँ हमसफर है मेरा ,

ये अजनबी रास्ते वो आखिरी सफर है तेरा !

हमे तो पता था की तू कहीं,

और का मुसाफीर था,

हमारा शहर तो बस यूं ही तेरे,

रास्ते मैं आ गया था !

मायूस हो गया हूँ जिंदगी के सफर से,

कुछ इस कदर,

कि ना खुद से मिल पा रहा हूँ ना मंजिल से !

ना मंजिलों के लिए ना ही रास्तों के

लिए मेरा ये सफर है खुद से खुद की

पहचान के लिए !

मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर,

सफर सफर है मिरा इंतिजार मत करना ।

इन अजनबी सी राहों में जो तू मेरा हमसफर हो जाये,

बीत जाए पल भर में ये वक्त और हसीन सफर हो जाये !

जिंदगी की तरह ये वादियां भी कितनी,

हसीन हैं आसमान नीला,

और जमीन रंगीन है !

हर गाम हादसा है ठहर जाइए जनाब,

रस्ता अगर हो याद तो घर जाइए जनाब,

दिन का सफर तो कट गया सरज के साथ साथ,

अब शब की अंजुमन में बिखर जाइए जनाब !

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं,

रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं !

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल

कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा!

सफर से लौट जाना चाहता है,

परिंदा आशियाना चाहता है,

कोई स्कूल की घंटी बजा दे,

ये बच्चा मुस्कुराना चाहता है !

यू ही हाथ थाम मेरा साथ निभाना,

जिंदगी का सफर संग है तेरे बिताना!

वो जीवन में क्या आये बदल गयी जिंदगी हमारी,

वरना सफर ए-जिंदगी कट रही थी धीरे-धीरे !

जिंदगी की खूबसूरती देखना है,

तो कभी सफर पर निकलो !

अगर अपने आप से ऊब जाए तो,

जरूर सफर पर निकल जाय,

हो सकता है की आपकी जिंगदी संवर जाए !

अब जाना मैंने ज़िंदगी क्या है,

सफर में भी हूँ लेकिन जाना कहीं नहीं है !

ये तेरी संघर्ष कि जो कहानी है ये,

एक शानदार सफर कि कहानी है !

कुछ सपने पुरे करने हैं,

कुछ मंजिलों से मिलना है,

अभी सफर सुरु हुआ है,

मुझे बहुत दूर तक चलना है !

अजीब सा सफर है ये ज़िंदगी,

मंजिल मिलती है मौत के बाद !

हम जितनी दुनिया देखते जाते है,

हमारी नजरिया का दायरा उतना ही,

बढ़ जाता है !

अपनी मर्जी से कहां अपने सफर के हम हैं,

रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं !

नफरत सी होने लगी है,

इस सफर से अब जिंदगी कहीं तो,

पहुँचा दे खत्म होने से पहले !

ना थके हैं कभी पैर,

ना कभी हिम्मत हारी है,

जज्बा है कुछ बनने का जिंदगी में,

इसलिये सफर जारी है !

जिन्दगी के सफर में ये बात भी आम रही

की मोड़ तो आये कई मगर मंजिले गुमनाम रही !

जिंदगी के सफर में हिंदी वाला सफर करते रहिये,

वर्ना अंग्रेजी वाला Suffer तो लगा ही रहेगा !

ज़िंदगी एक ऐसा सफर है,

जिसकी राह ही इसकी मंजिल है !

जिन्दगी से मौत तक के सफर को ही,

ज़िन्दगी कहते हैं !!

मैं तो यूँ ही सफर पर निकला था,

एक अजनबी मिला और उसने अपना बना लिया !

अजीब सी पहेलियां हैं मेरे हाथों की लकीरों में,

लिखा तो है सफर मगर मंजिल का निशान नहीं !

पांव जमीन पर थे आसमान नजर में रहा निकला था,

मंजिल के लिए लेकिन उम्र भर सफर में रहा !

जिंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,

काफीला साथ और सफ़र तन्हा !

जिन्दगी से मौत तक के सफर को ही,

जिन्दगी कहते हैं !

जिंदगी यूँ हुई बसर तन्हा

काफिला साथ और सफर तन्हा !

मेरी हर मंजिल एक नए

सफर का आगाज होती है !

उम्मीद करते दोस्तों आपको हमारा यह Safar Shayari in Hindi पोस्ट पसंद आया होगा । यदि पसंद आया हो तो शेयर जरुर करें ।

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